秋山はる『こたつやみかん』

 

 

こたつやみかん

 

作者:秋山はる

掲載誌:『アフタヌーン』(講談社)2012年~

単行本:アフタヌーンKC

 

 

 

 

ここは新宿末廣亭かな。

落語がひけたあと、高校の同級生はでくわす。

 

 

 

 

有川さんは、才色兼備の転校生。

志ん生が、ぞつこん惚れこみそうな。

 

 

 

 

マックで落語をかたらう。

ため息つきながら。

「30代40代もいいけど、還暦オーバーの前ではかすんじゃう……」

 

 

 

 

「枯れ専」だなんて失礼しちゃう!

落語家の60代なんて、藝にアブラがのりきつた、オッサン花盛りなのに!

 

 

 

 

志ん朝の死は国家的損失とか、ナマイキいつたり。

要するに有川さんは、残念美人のたぐい。

 

 

 

 

意気投合したふたりは、落語研究会をつくろうと決意。

寄席でみかけたイケメン梶浦君をさそうが、ことわられる。

早大の落研にはいるための受験勉強を邪魔するなと。

 

 

 

 

教室で寄席をひらき、どちらがウケるか勝負するなりゆきに。

女子チームが勝てば、同好会成立!

 

 

 

 

普段まともに会話できない坂井さんが、「炬燵家みかん」をなのり高座へあがる。

パンチラ防止云々の枕でさつそくウケたが……。

 

 

 

 

結局みかん師匠、撃沈。

「船徳」なんて、ながく複雑な噺をえらんだのがわるい。

そこにいるのは、江戸つぽい言葉をしやべりつつ、あやしい動きをするだけの人。

 

 

 

 

反省会で、「船徳」にした理由を白状する。

登場人物の「徳さん」が初恋の人だから。

落語でもきいたことない、化石級の純情ぶりだ。

 

 

 

 

さて、われらが「牡丹楼まほ吉」師匠は、あでな都々逸を披露。

噺をあえて封印し、「色物」でウケをねらう。

 

恋に焦がれて 鳴く蝉よりも 鳴かぬ蛍が 身を焦がす

 

落語をあつかう作品はめづらしくないが、都々逸JKはあたらしいね、粋だねぇ!

 

都市文化の華としての演藝をえがく、落語漫画の真打ち登場だ。





こたつやみかん(1) (アフタヌーンKC)こたつやみかん(1) (アフタヌーンKC)
(2013/03/22)
秋山はる

関連記事

テーマ : 漫画
ジャンル : アニメ・コミック

最近の記事
記事の分類
検索とタグ

著者

苑田 謙

苑田 謙
漫画の記事が多め。
たまにオリジナル小説。

Twitter
メール送信

名前
アドレス
件名
本文

カレンダー
01 | 2020/02 | 03
- - - - - - 1
2 3 4 5 6 7 8
9 10 11 12 13 14 15
16 17 18 19 20 21 22
23 24 25 26 27 28 29
月別アーカイヴ
02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03  02  01  12  11  10  09  08  07  06  05  04  03